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नवा छत्तीसगढ़ के 36 माह: हास्पिटल वाला गाड़ी अब हमर दुआर..होवत से अब्बड़ ईलाज...




कोरबा :- कोरबा जिले के अजगरबहार परियोजना के अन्तर्गत ग्राम तिलाईडांड में रहने वाली बिरसबाई ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। बिरसबाई ने अजगरबहार सेक्टर के तिलाईडांड के आंगनबाड़ी केन्द्र में अपनी गर्भावस्था का पंजीयन कराया था। बिरस बाई के परिवार में उनके पति शिवपाल धनवार तथा दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी अनूपा 14 साल की है तथा छोटी बेटी दीपिका 11 साल की है। बिरस बाई का परिवार दैनिक मजदूरी करके अपना गुजर बसर कर रहा है। खून की कमी के कारण लगभग 10 वर्ष बाद बिरसबाई ने गर्भ धारण किया। आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीयन कराने के बाद उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया। स्वास्थ्य परीक्षण में खून की कमी का पता चला। जांच के दौरान उनका हिमोग्लोबिन नौ ग्राम तथा वजन 36 किलोग्राम था। स्वास्थ्य जांच में कम वजन एवं कमजोरी को देखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कविता कंवर व सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती लीलादेवी ने घर जाकर उनसे मुलाकात की और उन्हें महतारी जतन योजना के बारे में बताया। आंगनबाड़ी केन्द्र में बिरसबाई को प्रतिदिन गर्म पका भोजन तथा पूरक पोषण आहार दिया गया साथ ही घर में भी पौष्टिक आहार लेने की भी सलाह दी गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बिरसबाई को घर में मुनगा और पपीता का वृक्षारोपण कर नियमित सेवन करने की भी सलाह दी।आंगनबाड़ी केन्द्र में मिले पौष्टिक आहार और सलाह को अपनाने से बिरसबाई के स्वास्थ्य में सुधार हुआ। तिलई डाँड़ के स्वास्थ्य केंद्र में परीक्षण के बाद उन्हें आयरन की गोली व सिरप दिया गया।


स्वास्थ्य केंद्र में बिरसबाई की ए.एन.सी जांच की गई एवम अन्य जरूरी परामर्श दिया गया। अस्पताल में प्रसव के पश्चात उन्हें जननी सुरक्षा योजना के तहत 1400 रुपये की सहायता राशि भी दी गयी। शुरूआती जांच में जहां उनका वजन 36 किलो और हिमोग्लोबिन नौ ग्राम था। आंगनबाड़ी केन्द्र में पौष्टिक आहार, रेडी टु इट तथा आयरन की गोली आदि दिए जाने तथा स्वास्थ्य केंद्र से मिली सहायता से बिरसबाई का वजन बढ़कर 49 किलोग्राम तथा हिमोग्लोबिन 12.7 ग्राम हो गया है। आंगनबाड़ी केन्द्र में प्राप्त पोषण आहार, नियमित सलाह एवं परामर्श तथा स्वास्थ्य केन्द्र की बेहतर सुविधाओं के कारण बिरसबाई ने लगभग 2.6 किलोग्राम वजन के स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। बिरसबाई ने बताया कि आंगनबाड़ी केन्द्र से मिले लाभ के कारण मेरे स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और मेरी बच्ची भी स्वस्थ है। उसका नाम हमने अंशिका रखा है। आज वह सात महीने की हो चुकी है। बिरस बाई में बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र एवम स्वास्थ्य केंद्र से मिले ला

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