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पालक चाहते हैं जनरल प्रमोशन बंद हो अनिवार्य हो परीक्षा- डॉ. गजेन्द्र तिवारी



कोरबा/पाली :- छत्तीसगढ़ पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल पाली के शिक्षाविद प्राचार्य एवं कैरियर काउंसलर द्वारा अलग-अलग जगह के पालको  की रायशुमारी के बाद यह रिजल्ट सामने आया  पालक चाहते हैं जनरल प्रमोशन का सिस्टम बंद होना चाहिए और अनिवार्य हो परीक्षा इसका कारण यह है कि इससे बच्चों में परीक्षा का भय  और आगे बढ़ने की ललक खत्म हो जा रही है पालकों का मानना है

कि परीक्षा प्रणाली अनिवार्य होनी चाहिए ताकि बच्चे पढ़ाई के प्रति गंभीर हो राज्य की वर्तमान शिक्षा पद्धति के बारे में अपनी राय खुल कर रखी उन्होंने अलग-अलग सुझाव भी दिए पर इनमें सबसे अहम रहा बिन परीक्षा के बच्चों को आगे की क्लास में भेजने का मामला उन्होंने कहा कि बच्चों को पहली  से आठवीं तक जनरल प्रमोशन देने का नियम शिक्षा व्यवस्था को खोखला कर रहा है प्राइमरी और मिडिल स्कूल में दी जाने वाली शिक्षा ही छात्रों का बेहतर भविष्य तय करती है लेकिन परीक्षा लिए बिना पास करने के नियम से कमजोर छात्र भी आगे बढ़ रहे हैं आलम यह है कि नौवीं में एडमिशन लेने वाले कई बच्चों को अपना नाम लिखना तक नहीं आता अंग्रेजी के अल्फाबेट एबीसीडी भी बराबर नहीं जानते गुणा भाग नहीं आता अगर नववी किसी तरह पास भी कर ले तो दसवीं बोर्ड एग्जाम में फेल हो जाते हैं इससे न सिर्फ बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्न खड़ा हो गया है पेरेंट्स कहते हैं कि हमारा बच्चा पांचवी में है लेकिन उसे अपना नाम तक लिखना नहीं आता आप उसे छठवी मे प्रवेश  देने के बदले पांचवी दोबारा  पढाईये लेकिन शिक्षा के अधिकार नियम के तहत ही संभव नहीं हो पाता हमें बच्चों को मजबूरन अग्ली कक्षा मे प्रवेश  देना ही पड़ता है यह नियम बदले जाने चाहिए।
 डॉक्टर तिवारी का मानना है कि शिक्षा के अधिकार कानून के तहत भले ही पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को किसी भी सूरत में फेल नहीं करने का प्रावधान रखा गया है लेकिन विद्यार्थियों को अगली कक्षा तक पहुंचाने के लिए कड़े मापदंड तय किए गए हैं हर 3 महीने में मूल्यांकन करके शिक्षको  को यह पता लगाना है कि कौन सा बच्चा अगली कक्षा में जाने के काबिल है या नहीं ?  मूल्यांकन  के बाद कमजोर बच्चे के तौर पर सामने आने वाली विद्यार्थी की कमजोरी को अगले 3 महीने में ही दूर करने का सिस्टम बनाया गया है शिक्षकों को हर हाल में सुनिश्चित करना होगा कि बच्चा अगली कक्षा में जाने के काबिल बने इसके लिए उनकी अतिरिक्त कक्षा का भी प्रावधान रखा गया है।

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