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कोरबा जिला खनिज न्यास संस्थान में भ्रष्टाचार का बोलबाला... राजस्व मंत्री ने सचिव एवं नोडल अधिकारी को लिखा पत्र....



कोरबा :-- प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कोरबा जिला खनिज न्यास संस्थान में व्याप्त भ्रष्टाचार व न्यास की अध्यक्ष कोरबा कलेक्टर  रानू साहू की कार्यशैली पर प्रहार करते हुए प्रदेश के खनिज सचिव सह नोडल अधिकारी जिला खनिज संस्थान न्यास को पत्र लिखा है। खनिज सचिव को लिखे पत्र में जयसिंह अग्रवाल ने कोरबा में  रानू साहू के पदस्थापना के समय से खनिज न्यास मद में व्याप्त भ्रष्टाचार और जनहित के कार्यों पर रोक लगाते हुए मनमाना कार्यशैली को अपनाते हुए शासन को करोड़ों रूपये की क्षति पहुंचाते हुए न्यास को एक शासकीय संस्थान के रूप में न संचालित करते हुए एक निजी कम्पनी के तौर पर संचालन करते हुए सरकार की छवि धूमिल करने की बात कही है। राजस्व मंत्री ने पत्र में इस तथ्य पर विशेष ध्यान आकृष्ट किया है जिला खनिज न्यास के शासी परिषद द्वारा पूर्व में स्वीकृत कार्यों के लिए प्रशासकीय स्वीकृति न प्रदान कर जनहित के कार्यों को रोके रखा गया। इसी प्रकार से 9 मई को आयोजित की जाने वाली बैठक के लिए सदस्यों को समय पर सूचना नहीं देना, पूर्व बैठक का कार्यवृत्त उपलब्ध नहीं कराना और बैठक का कोई एजेण्डा नहीं देना यह साबित करता है कि यह न्यास एक निजी कम्पनी के तौर पर संचालित हो रहा है न कि यह एक शासकीय संस्थान है। इस विषय पर राजस्व मंत्री का कहना है कि यदि उपर्युक्त जानकारियां सदस्यों को उपलब्ध नहीं कराई जाएंगी तो सदस्य किस आधार पर नए प्रस्ताव तैयार कर बैठक में चर्चा के लिए प्रस्तुत करेंगे। इस संबंध मेें नोडल अधिकारी को 14 सितम्बर, 2021 को लिखे गए पत्र का हवाला भी राजस्व मंत्री ने दिया है जिसपर फिलहाल कोई कार्यवाही नहीं की जा सकी है। नोडल अधिकारी को भेजे पत्र में विस्तार से जानकारी देते हुए राजस्व मंत्री ने लिखा है कि कोरबा कलेक्टर  रानू साहू, अध्यक्ष जिला खनिज न्यास संस्थान द्वारा जिला खनिज न्यास मद की राशि का जन प्रतिनिधियों एवं संस्थान के सदस्यों द्वारा प्रस्तावित कार्यों की उपेक्षा कर एक शासकीय संस्थान के नियमों की अवहेलना कर निजी संस्थान के रूप में संचालित किये जाने की जानकारी दी गई थी जिसपर आपके द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं होने की वजह से श्रीमती रानू साहू द्वारा शासकीय राशि का दुरूपयोग एवं लूट कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे छत्तीसगढ़ की शासन की छवि धूमिल हो रही है। राजस्व मंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया द्वारा प्रमुखता से शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सड़क के कार्यों को प्रथम प्राथमिकता दी जा रही है वहीं इसके विपरीत कलेक्टर कोरबा द्वारा यदि इससे संबंधित किसी कार्य को स्वीकृति प्रदान की जाती है वह कार्य साफ तौर पर झलकता है कि इन्होंने निजी स्वार्थवश बिना किसी मांग के कमीशनखोरी के लिए कार्य की स्वीकृति प्रदान की है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण है कि समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ है कि खेलः खेल गढ़िया मद से स्कूलों में दो साल में दो बार हो चुकी है खेल सामग्री की खरीदी दो साल में दूर्नामेंट हुए नहीं, सामग्री न तो खराब हुई न टूटी, न गायब हुई, पुराने के उपयोग के बजाए नई खरीदी। अब फिर से 72 लाख की खेल सामग्री स्कूलों के लिए हुई खरीदी, डीएमएफ फंड से खरीदी में जल्दबाजी संबंधी समाचार का प्रकाशन किया गया है जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी जे.पी. भारद्वाज का बयान भी प्रकाशित किया गया है जिसमें उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि ‘खेल सामग्री की खरीदी डी.एम.एफ. शाखा से हुई है। इसकी जानकारी विभाग को नहीं है। हमने प्रस्ताव नहीं दिया है।‘ इससे स्पष्ट होता है कि श्रीमती रानू साहू के आचरण एवं कार्य व्यवहार से स्थानीय स्तर पर सरकार की छवि धूमिल हो रही है साथ ही संचार माध्यम की व्यापकता तथा कोरबा राष्ट्रीय स्तर का शहर होने की वजह से सम्पूर्ण राष्ट्र में छत्तीसगढ़ सरकार की छवि पर काला धब्बा लग रहा है वहीं कोरबा कलेक्टर श्रीमती रानू साहू मालामाल हो रही है।
यहां उल्लेखनीय है कि किसी भी बैठक की सूचना सम्पूर्ण एजेण्डे एवं पूर्व बैठक के कार्यवृत्त और आगामी प्रस्तावों की सम्पूर्ण जानकारी सात दिवस पूर्व दिए जाने का प्रावधान है। मुझे अन्य सदस्यों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरबा जिला खनिज संस्थान न्यास की आगामी बैठक 9 मई, 2022 को आयोजित की जाने वाली है जिसकी सूचना 2 मई, 2022 को जारी करना एवं 5 मई को मेरे पास सूचना पत्र लेकर कोई व्यक्ति आया था, लेकिन मैं जांजगीर जिले के प्रवास पर था। सूचना पत्र में 2 तारीख लिखकर 5 तारीख को सूचना देना गलत है। राजस्व मंत्री ने आगे लिखा है कि पूर्व में प्रेषित पत्र को गम्भीरता से नहीं लिए जाने की वजह से जनहित संबंधित कार्य जिन्हें पूर्व शासी परिषद द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई थी, उन कार्यों के प्रशासकीय स्वीकृति आज दिनांक तक लंबित रखा गया है जिसके पीछे एकमात्र  रानू साहू का उद्देश्य यह है कि पूर्व में प्रस्तावित कार्य ठोस अधोसंरचना के कार्य थे जिसमें इन्हे मनचाहा कमीशन की संभावना नहीं दिखाई दी जिसकी वजह से इन्होंने महत्वपूर्ण जनहित के कार्यों को महत्व न देते हुए अनेकों ऐसे कार्यों को अपनी प्राथमिकता दी है जिसमें भरपूर कमीशन मिल सके।
इसी तारतम्य में चूॅंकि पूर्व में स्वीकृत कार्य धरातल पर शून्य हैं, ऐसी स्थिति में शासी परिषद की बैठक आयोजित करना न्याय संगत नहीं होगा। इसी तारतम्य में मेरे द्वारा दिनांक 18.08.2021 को न्यास के पूर्व अध्यक्ष माननीय डॉ0 प्रेमसाय सिंह टेकाम जी को पत्राचार के माध्यम से विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया था एवं सम्पूर्ण जानकारी समीक्षा बैठक 20.08.2021 को आयोजित करने तथा वांछित जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था जिस पर आज दिनांक तक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है, जो घोर लापरवाही को दर्शाता है। न्यास के वर्तमान अध्यक्ष/कलेक्टर कोरबा से जिला खनिज न्यास शासी परिषद की बैठक के पूर्व मेरे द्वारा समीक्षा बैठक एवं पूर्व में डी.एम.एफ. से संबंधित 11 बिन्दुओं पर जानकारी चाही गई है, जो अप्राप्त है। पूर्व में स्वीकृत कार्य एवं बचत राशि तथा आगामी योजनाओं पर प्रस्ताव किस आधार पर दिया जाये, जानकारी के अभाव में संभव ही नहीं है। कलेक्टर कोरबा के मनमाने आचरण से कोरबा का विकास अवरुद्ध हो रहा है विशेषकर मेरे निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित कार्यों को इनके द्वारा लंबित रखा जा रहा है जबकि मेरा निर्वाचन क्षेत्र जिला मुख्यालय है। स्वीकृत किए गए कार्यों को अनावश्यक तौर पर लंबित किये जाने से कार्य की लागत भी बढे़गी। पूर्व पदस्थ कलेक्टर द्वारा अवगत कराया गया था कि जिला खनिज न्यास संस्थान के पास विकास कार्य हेतु बड़े पैमाने पर मूल राशि के साथ-साथ ब्याज की राशि उपलब्ध है तथा वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए प्राप्त राशि को शेष राशि के साथ जोड़ा नहीं गया है। वहीं वर्तमान कलेक्टर द्वारा पूर्व में स्वीकृत कार्यों हेतु राशि की उपलब्धता नहीं होने के कारण कार्यों को निरस्त किया गया अथवा रोका गया है, दोनों के कथनों में अत्यधिक विरोधाभासी स्थिति निर्मित है। मुख्यमंत्री द्वारा स्वास्थ्य एवं शिक्षा से संबंधित विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किये जाने के निर्देश हैं।

किसी भी संस्थान परिषद या शासकीय बैठकों की सूचना के साथ सम्पूर्ण कार्यवृत्त की जानकारी प्रेषित की जाती है लेकिन बड़े ही खेद के साथ आपकी जानकारी में लाना चाहता हूं कि श्रीमती रानू साहू द्वारा पूर्व के बैठकों में स्वीकृत किए गए कार्य एवं आगामी बैठक दिनांक 9 मई, 2022 के एजेण्डे की जानकारी नहीं दी गई है जोकि इनके भ्रष्ट आचरण को दर्शाता है। यदि इनकी कार्यशैली स्वच्छ एवं पारदर्शी है तो स्वीकृत, लंबित कार्यों के संदर्भ में इन्हे जानकारी परिषद के सदस्यों को दी जानी चाहिए साथ ही खनिज न्यास संस्थान के वेब साईट पर प्रदर्शित कर पारदर्शिता बरतना चाहिए।
इसी कड़ी में विशेष लेख है कि डी.एम.एफ. के संदर्भ में वित्तीय स्थिति की जानकारी विस्तार से मांगने पर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जबकि अनेकों निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक निविदाएॅं सम्पन्न होने के बाद जिन कार्यों की स्वीकृति न्यास द्वारा पूर्व में प्रदान की जा चुकी हैं, उनके लिए प्रशासकीय स्वीकृति  को स्वयं के निर्णय से रोक दिया जाना अनेक संदेहों को जन्म देता है।  आखिर एक तरफ चाही गई जानकारी मांगने पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराया जाना इनकी मंशा को स्पष्ट करता है कि न्यास से संबंधित जानकारी में पारदर्शिता नहीं रखना चाहती हैं। इस संबंध में यह आवश्यक है कि पूर्व में हुई बैठक में स्वीकृत कार्यों का प्रशासकीय स्वीकृति  जारी करने उपरांत तथा पूर्व में किए गए सभी स्वीकृत कार्यों एवं सम्पन्न कार्यों की जानकारी उपलब्ध कराया जाए तदोपरान्त बैठक आयोजित की जाए जिससे बैठक में समिति के सदस्य आगामी प्रस्ताव रख सकें साथ ही सदस्यों को न्यास से संबंधित पारदर्शिता की जानकारी हो। विषय की गंभीरता को देखते हुए राजस्व मंत्री ने अपेक्षा किया है कि उपर्युक्त बिन्दुओं पर तत्काल प्रभाव से सीधा हस्तक्षेप करते हुए 9 मई, 2022 को आयोजित की जाने वाली बैठक को अविलम्ब स्थगित कर उचित कार्यवाही करना सुनिश्चित करेंगे।

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